आकर देख जरा तु
कितना बिखरा हुं में तेरे बिना सनम .
वख्त का लम्हा थम गया हे तेरे बिना सनम,
आकर देख जरा तु
वख्त केसे गुजरा हे तेरे बिना सनम.
केसे गाऊ में महोब्बत के गाने तेरे बिना सनम,
आकर देख जरा तु
सुने हो गये हे मेरे सारे तराने तेरे बिना सनम.
--------सुरेश िઞवेदी
No comments:
Post a Comment