साल पर साल बीत जाते है तेरे िबना, कब आया है नया साल तेरे िबनां.
िदल में तेरी यादों के दीप जलाकर मनाते है िदवाली हर साल
िफरभी होता नही है नया साल तेरे िबना.
दुिनयाभर ने अाज दी है नये साल की मुबारकबादीयॉ बस ऐक तेरे िबना,
तमु ही बताओ केसे होगा मुबारक नया साल तेरे िबना.
...............सुरेश त्रिवेदी
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