Tuesday, November 26, 2013

Sunday, November 10, 2013

नया साल......

साल पर साल बीत जाते है तेरे िबना,  कब आया है नया साल तेरे िबनां.
िदल में तेरी यादों के दीप जलाकर मनाते है िदवाली हर साल
िफरभी होता नही है नया साल तेरे िबना.
दुिनयाभर ने अाज दी है नये साल की मुबारकबादीयॉ बस ऐक तेरे िबना,
तमु ही बताओ केसे होगा मुबारक नया साल तेरे िबना.
      
                  ...............सुरेश त्रिवेदी

Thursday, November 7, 2013

कितना मुश्किल हे  ये जिवन तेरे बिना सनम,
आकर देख जरा तु 
कितना बिखरा हुं में तेरे बिना सनम .
वख्त का लम्हा थम गया हे तेरे बिना सनम,
आकर देख जरा तु
वख्त केसे गुजरा हे तेरे बिना सनम.
केसे गाऊ में महोब्बत के गाने तेरे बिना सनम,
आकर देख जरा तु
सुने हो गये हे मेरे सारे तराने तेरे बिना सनम.
          
                 --------सुरेश िઞवेदी

प्रिय बिनसांप्रदाियकता

प्रिय बिनसांप्रदाियकता, 
 आजकल जहां देखो तुम्हारी बाते हो रही हे। 
ऐसा क्या जादु हे तुम में की हर पक्ष खुद को बिनसांप्रदायिक साबित करने में लगा हे।
ओर इसके लिऐ कोई टोपी पहनता हे , 
तो कोई टोपीवालो सें केक कटवाता हे। 
मगर देश का ईतिहास ये दिखाता हे,
कोई हिन्दुपरस्त तो कोई मुस्लिमपरस्त होता हे।
दंगो में जलती लाशो पर सब पक्ष अपनी राजनिती की रोटीया शेकते हें,
दंगो की बुझी अाग को रेह रेह के हवा देते हे।
सालो की महेनत सें बने आशियाने उजाडते हे ये लोग,
सत्ता के लिऐ कितने गीरते हे ये लोग। 
              
                              --- सुरेश त्रिवेदी

ઝરણુ  નહી  નદી  મુબારક

સાલ    નહી  સદી  મુબારક

તમને બધુ ખુશહાલ મુબારક

તમને અમારા સાલ  મુબારક

 Wish you all happy new year

        

             From: Suresh Trivedi  

                                   &

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