दिल्ही विधानसभा के नतीजे ऐतिहासीक ओर भारतीय राजनिित में ऐक नयी शुरुआत है।
अरविंद ने आज राजनिति के वो पुराने खिलाडीओ को राजनिति के इतिहास का अबतक का सबसे बडा सबक दिया है जो यही मानते थे की आमआदमी दो-चार रोज धरणा प्रदशँन के अलावा कुछ नहि कर सकता।
अरविंद ने ये साबित कर दिया की आमआदमी भी राजनिति कर सकता हे और राजनिति साफसुथरे तरीके से की जा शकती हे। कोँपोरेट हाउसो से फंड लिऐ बिना भी चुनाव लडा जा सकता हे।
अरविंद की विजय समाजवाद के नाम पे ज्ञातिवाद की दुकाने चला रहे क्षेत्रिय दलो के लिए भी चेतावनी है ।
अरविंदकी आज की जित कोन्गेस ओर भाजपा के लिऐ भी नयी चुनोतियां लायी हे। आमआदमी की ये आंधी में कोन्गेस को खुदका वजुद बचाना मुश्किल हे
चार राज्यो में विजय के बावजुद अाज भाजपा की सबसे बडी चिता ये होगी की "आप" को केसे रोके वरना ये कुछ सरफिरे आमआदमी की टोली २०१४ में मोदीजी का खेल बगाड सकती हे।
आप का जनम ये दोनो बडे दलो की ये सोच से हुआ हे की राजनिति उनकी ही जागिर है और आमआदमी की सतामें कोई भागीदारी नहि हो सकती ।
आखिर में तमाम मुश्किलो के बावजुद ऐसी बहेतरिन जित के लिऐ अरविंद ओर उनके साथीओ को अभिनंदन और शुभकामनाये।


